शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रस्तावित नई स्नातक शिक्षा व्यवस्था को लेकर सार्वजनिक राय लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने साफ किया है कि नई व्यवस्था को लागू करने से पहले शिक्षकों, छात्रों, कॉलेज प्रबंधन और आम लोगों के सुझाव लिए जाएंगे। इसी उद्देश्य से पाठ्यक्रम और क्रेडिट ढांचे से जुड़े सभी मसौदा दस्तावेज विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। विवि का कहना है कि यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि मसौदे में दिए प्रावधानों पर मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। मसौदे में सेमेस्टर प्रणाली, बहु-प्रवेश और बहु-निकास व्यवस्था, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, परीक्षा और ग्रेडिंग प्रणाली को स्पष्ट रूप से शामिल किया है। इसके साथ ही इंटर्नशिप, शोध कार्य, फील्ड आधारित अध्ययन और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए भी अलग-अलग दिशा-निर्देश तय किए हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम दस्तावेज तैयार किया जाएगा जिसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।