ट्रेन से आए किसी भी यात्रियों को दिक्कतें पेश न आए इसके लिए एचआरटीसी ने दावा किया था कि दो-दो बसों की सुविधा देंगे लेकिन सीधी बसें न मिलने से यात्री परेशान नजर आए। शाम साढ़े चार बजे जैसे ही ट्रेन तारादेवी रेलवे स्टेशन पर आई यात्री यहां से मुख्य सड़क पर आए। वहां एचआरटीसी की बस खड़ी थी लेकिन यह बस नए बस स्टैंड (आईएसबीटी) के लिए लगी थी। सैलानियों ने कहा कि यह बस सीधी शिमला शहर के लोकल बस अड्डे तक चलनी चाहिए थी। जालंधर, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों से शिमला घूमने आए पर्यटकों को टैक्सियां करके शिमला तक आना पड़ा। इसके लिए सैलानियों को 800 से 900 रुपये किराया चुकाना पड़ा। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर भी शिमला पहुंचे हैं। वह जतोग समरहिल के बीच चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। अधिकारी पांच दिन तक यहां पर रहेंगे।
मांग पर उपलब्ध करवाईं बसें
डिप्टी डिविजनल मैनेजर तारादेवी विनोद शर्मा ने कहा कि यात्रियों की मांग के अनुसार बसों की सुविधा उपलब्ध करवाई है। तारादेवी से चार विशेष बसों की सुविधा यात्रियों को उपलब्ध करवाई थी। शाम तक करीब 118 यात्रियों ने इन बसों में सफर किया है। यह बसें नए बस स्टैंड के लिए उपलब्ध थीं।