शिमला। सनातन धर्म सभा की ओर से राधा-कृष्ण मंदिर गंज बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन वीरवार को इंद्र के अभिमान हरण की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे विशेष पूजन, नवग्रह पूजन, पितृ पूजन और भगवान शालिग्राम के पूजन के साथ हुआ। दोपहर 2:30 बजे से शुरू हुई कथा में कथावाचक अमित बटुक ने बताया कि जब देवराज इंद्र को अपने सामर्थ्य का अभिमान हो गया और उन्होंने स्वयं को ब्रजवासियों का पालनकर्ता समझ लिया तब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का अहंकार दूर करने के लिए इंद्र पूजा बंद करवाकर ब्रजवासियों से गिरिराज गोवर्धन महाराज की पूजा करवाई। कथा में बताया गया कि गोवर्धननाथ ने चतुर्भुज रूप में प्रकट होकर भक्तों को दर्शन दिए। इससे क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने ब्रज पर प्रलयंकारी वर्षा कर दी और पूरे ब्रज मंडल को जलमग्न करने का प्रयास किया। तब बालकृष्ण ने अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली पर सात कोस लंबे गिरिराज पर्वत को धारण कर गोपी-ग्वालों, गाय-बछड़ों और समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की। सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्त ने बताया कि इस कार्यक्रम में कन्हैया परिवार, रंजना सूद, सुभाष शर्मा, शिवकुमार, उमा वर्मा और रविंदर आहूजा विशेष आयोजकों के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा सभा के प्रधान अजय सूद और महासचिव धर्मपाल पुरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संवाद