हिमाचल विधानसभा चुनाव में रिश्तों की भी अग्निपरीक्षा है। सोलन सीट से ससुर और दामाद आमने-सामने हैं। कैबिनेट मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल को कांग्रेस ने फिर मैदान में उतारा है तो भाजपा ने इस बार उनके दामाद राजेश कश्यप को टिकट दिया है।
शांडिल की दो बेटियां हैं और दोनों ही डॉक्टर हैं। छोटी बेटी डॉ. दिपाली पापा के लिए प्रचार में जुटी हैं। शांडिल के नामांकन दाखिल करने से अब तक डॉ. दिपाली उनके साथ कदमताल कर रही हैं।
बड़ी बेटी डॉ. गीतांजलि राजेश कश्यप की पत्नी हैं। सरकारी नौकरी में होने की वजह से वह सार्वजनिक रूप से पति के प्रचार में शामिल तो नहीं हो रहीं लेकिन घर की चहारदीवारी में उन्होंने मोर्चा संभाल रखा है।
सोलन सीट में विधानसभा चुनाव रिश्तों को सियासी तराजू में तौल रहा है। दो विचारधाराओं की लड़ाई ने एक ही परिवार को अलग-अलग मुहाने पर खड़ा कर दिया है। यह सूबे की एकमात्र सीट है, जहां प्रचार आरोपों-प्रत्यारोपों या लांछन की राजनीति पर नहीं हो रहा है।
उधर, शिमला जिले की कसुम्पटी सीट में भी मुख्यमंत्री की पत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह अपनी भाभी ज्योति सेन के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रही हैं। ज्योति हाल ही में कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।