व्यास नदी में बहे इंजीनियरिंग कॉलेज के लापता छात्रों की तलाश मंगलवार को नई उम्मीद के साथ एक बार फिर शुरू की गई। बचाव दलों को पहली सफलता सुबह मिली जब घटना स्थल से 150 मीटर दूरी पर पत्थरों के नीचे एक छात्र का शव बरामद किया गया।
छात्र की शिनाख्त देवाशिष बोस के तौर पर हुई है। वहीं हादसे में सुरक्षित सभी छात्रों हिमाचल से हैदराबाद भेजा जा चुका है। सर्च ऑपरेशन के यह दूसरे बचाव दल नई रणनीति और गर्मजोशी के साथ तलाशी अभियान उतरा था।
पहले दिन के सर्च ऑपरेशन में बचाव दलों को चार छात्रों के शव मिले थे। इनमें अकुला विजेठा,बनोठू रामबाबू, गंपाला एश्वर्या शामिल हैं।
20 किलोमीटर के दायरे में ही होगा सर्च ऑपरेशन
बचाव दलों के मुताबिक मंगलवार को भी 20 किलोमीटर के दायरे में ही सर्च ऑपरेशन किया जाएगा। इसमें नदी के किनारों में तलाश के साथ साथ पंडोह डैम में तलाशी अभियान चलेगा।
बचाव दलों में एसएसबी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, अग्निशमन कर्मी, होमगार्ड और राष्ट्रीय आपदा फोर्स सहित स्थानीय पुलिस के जवान संयुक्त अभियान चलाए हुए हैं। बचाव दल के मुताबिक क्योंकि घटना के दिन जब पानी लारजी प्रोजेक्ट से छोड़ा गया तो वह पंडोह में जाकर रूक गया था।
ऐसे में बहे छात्रों का यहां से बाहर जाना मुमकिन नहीं है। पंडोह डैम में बाकायदा गेट में ट्रैप भी लगाया गया है ताकि कोई शव अगर बहकर यहां पहुंचे तो उसका पता लगाया जा सके।
20 छात्र अभी भी लापता
लारजी प्रोजेक्ट द्वारा अचानक छोड़े गए पानी में बहे एक टूअर गाइड सहित 20 छात्रों का अभी भी कोई सुराग नहीं मिला है।
हादसा रविवार देर शाम करीब 6.15 बजे का है जब हैदराबाद वीएनआर इंजीनियरिंग कॉलेज छात्र थलोट के समीप नदी के किनारे मौज मस्ती कर रहे थे। इसी दाैरान प्राेजेक्ट से पानी छाेड़ा गया अाैर नदी में माैज मस्ती कर रहे छात्र इसमें बह गए।
मंगलवार को हैदराबाद इंजीनियरिंग कॉलेज के सुरक्षित छात्रों को प्रदेश सरकार द्वारा हैदराबाद के लिए रवाना किया जा चुका है।