भरमौर के विधायक जिया लाल के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि गत तीन वर्षों में भेड़पालकों की ओर से भेड़-बकरी चोरी के 26 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से 11 मुकदमों में अनट्रेस रिपोर्ट बनाई गई है, जबकि 10 मामलों में ही दोषियों के विरुद्ध चालान पेश किए गए हैं।
बाकी मामलों में छानबीन की जा रही है। चोरी के मामलों मेें 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भेड़-बकरियों की चोरी रोकने के लिए पुलिस की ओर से जरूरत पड़ने पर मदद की जाती है।
नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने पूछा कि भेड़-बकरियों की चोरी रोकने, उनकी सुरक्षा और बीमा के बारे में पॉलिसी बनाने का सरकार क्या प्रावधान करेगी? भरमौर के विधायक जिया लाल ने गन लाइसेंस जारी करने को कहा। सीएम ने कहा कि बंदूकें रखने के लाइसेंस दिए जाते हैं।
भटियात के भाजपा विधायक विक्रम जरियाल ने कहा कि जब कोई तेंदुआ भेड़-बकरियों को मारता है तो वहां पर मौका देखने के लिए अधिकारी नहीं जाते हैं। वे पशुपालकों को तेंदुए द्वारा खाई गई बकरी या भेड़ की गर्दन नीचे सरकारी कार्यालयों तक लाने को कहते हैं।
ऐसे में कई पशुपालकों को नुकसान पर मुआवजा नहीं मिल पाता है। भेड़ बकरियों की चोरी से संबंधित अनुपूरक सवाल पूछने को जैसे ही किन्नौर विधायक जगत सिंह नेगी खड़े हुए तो मुख्यमंत्री जयराम बोले कि काली भेड़ के बारे में पूछेंगे?
इस पर नेगी तपाक से बोले - नहीं मैं तो बजट वाले बकरे के बारे में पूूछूंगा। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे। नेगी ने इसके बाद चोरी को रोकने के लिए पुलिस की चौकसी बढ़ाने पर आश्वासन मांगा।
चरान से वनस्पति नुकसान का करवाएं अध्ययन : बिंदल
भेड़ बकरियों के चरान से वनस्पति पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करवाने का सुझाव अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री को दिया। बिंदल ने कहा कि इस पर भी सर्वे होना चाहिए कि जंगलों में भेड़-बकरियों को चराने से किन वनस्पतियों को नुकसान होता है।