विवाह से लेकर गृह प्रवेश के शुभ कार्यों के शुरू होने से बाजार में फिर बढ़ेगी खरीदारी, गुरु अस्त होने पर नहीं होते शुभ कार्य
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25 दिन से अस्त चल रहे थे देव गुरु बृहस्पति
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। देवगुरु बृहस्पति के 25 दिन बाद उदय होने के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक 9 अगस्त से समाप्त होने जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गुरु के उदय होते ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत समेत कई शुभ कार्यों के आयोजन का रास्ता साफ हो जाएगा। इसका असर राजधानी के बाजारों से लेकर होटल, बैंक्वेट हॉल, फूल विक्रेताओं और पर्यटन कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है।
खासकर मालरोड, लोअर बाजार और उपनगरों के बाजारों में खरीदारी बढ़ने से छोटे-बड़े कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। शादी समारोहों के लिए फूलों और सजावटी सामान की मांग भी बढ़ सकती है। देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने के कारण 15 जुलाई से 9 अगस्त तक विवाह सहित कई मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ था। इस दौरान शादी समारोहों से जुड़े कारोबार में भी अपेक्षाकृत कमी रही। अब देवगुरु के उदय के साथ ही शहर में शादी समारोहों की तैयारियां तेज हो गई हैं। लोअर बाजार के कपड़ा कारोबारी ओम प्रकाश ने बताया कि विवाह सीजन शुरू होते ही दूल्हा-दुल्हन के परिधानों सहित अन्य सूटों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, मिडिल बाजार स्थित गहना कारोबारी राकेश सोनी ने बताया कि गुरु के अस्त रहने के दौरान गहनों की मांग न के बराबर रही। अब गहनों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।