जवाब में कांग्रेस नेताओं ने भी डीमॉनेटाइजेशन याद रखना हैश टैग से प्रचार वॉर शुरू कर दिया। दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता दिनभर इन दोनों हैशटैग का इस्तेमाल कर ट्वीट कर ट्रेंड लिस्ट के टॉप पर आने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन शाम तक फिर एक बार मोदी सरकार टॉप पर ट्रेंड करता रहा।
सूत्रों के अनुसार आयोग ने सोशल मीडिया कंपनियों से दोनों ही माध्यमों के जरिये प्रचार के लिए किए जाने वाले विज्ञापन तथा पोस्ट बूस्ट की जानकारी तो हासिल करने के लिए संपर्क किया है, लेकिन ट्वीट के जरिये प्रचार के तरीके पर कोई नकेल कसने की रणनीति के सामने आयोग बेबस नजर आया।
हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। कहा कि अगर शिकायत मिलती है तो उसको रिव्यू कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जाहिर है जब सोशल मीडिया की निगरानी के लिए आयोग के पास तंत्र ही नहीं है तो वह कैसे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले को पकड़ेगा और कैसे वह कार्रवाई करेगा, यह बड़ा सवाल है।