शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में बफेलो सीरीज लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस सीरीज में वॉटर कलर के माध्यम से गांव में भैंसों की जीवनशैली को दर्शाया है।
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सीरीज में छत्तीसगढ़ के करण कुमार ने छह चित्र प्रदर्शित किए हैं। इनमें उन्होंने अपने गांव में भैंसों के रहन-सहन तथा बैलों द्वारा खेत जोतते किसानों का चित्रण किया है। करण ने बताया कि वर्तमान समय में गांवों में बैलों से खेत जोतने की परंपरा धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। अब केवल गरीब तबके के लोगों के पास ही बैल बचे हैं। अधिकांश किसान अब इसकी जगह ट्रैक्टर का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन चित्रों को चित्रपट्ट शीट पर उकेरा है, जिन्हें विशेष रूप से मुंबई, कोलकाता और नागपुर से मंगवाया जाता है। 5 जुलाई तक चलने वाली इस चित्रकला प्रदर्शनी में अंबाला के युवा कलाकार जतिन धीमान और आशीष कुमार यादव के बनाए चित्र भी प्रदर्शित किए हैं। इन चित्रों की कीमत 2,000 से लेकर 50,000 रुपये तक रखी है।