प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि अदालत के आदेशों पर वित्त विभाग के निर्देश लागू नहीं होते। जिन मामलों में अदालत ने बकाया राशि को अदा करने के आदेश दिए हों, वहां विभाग बकाया राशि को किस्तों में नहीं दे सकता।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि अदालत के आदेशों पर वित्त विभाग के निर्देश लागू नहीं होते। जिन मामलों में अदालत ने बकाया राशि को अदा करने के आदेश दिए हों, वहां विभाग बकाया राशि को किस्तों में नहीं दे सकता। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए कि वह याचिकाकर्ता की बकाया राशि को एकमुश्त अदा करें। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि याचिकाकर्ता की बकाया राशि को अदा नहीं किया जाता है तो उच्च शिक्षा निदेशक अवमानना की कार्रवाई का जवाब देने के लिए अदालत के समक्ष उपस्थित रहे। मामले की सुनवाई 23 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
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मामले के अनुसार अदालत ने याचिकाकर्ता को पिछली तिथि से नियमित सेवाओं का हकदार ठहराया था। अदालत ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए थे कि वह याचिकाकर्ता के बकाया राशि को अदा करे। शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग के 7 जनवरी 2012 के निर्देशों के तहत बकाया राशि को किस्तों में अदा करने का निर्णय लिया था। याचिकाकर्ता के आवेदन पर अदालत ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को अदालत ने पिछली तिथि से नियमित करने के आदेश दिए हैं तो विभाग को बकाया राशि एकमुश्त देनी होगी। अदालत ने पाया कि विभाग को सभी सेवा लाभ तीन महीनों में अदा करने के आदेश दिए गए थे। इस स्थिति में विभाग बकाया राशि को किश्तों पर देने का निर्णय नहीं ले सकता।