शिमला। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली में आयोजित संस्कृत सप्ताह के अंतिम दिन संस्कृत भाषा का महत्व बताया गया। भारत की उत्पत्ति में संस्कृत की भूमिका विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें आरवी संस्थान संस्कृत अध्ययन बंगलूरू के पूर्व निदेशक डॉ. एस. रंगनाथ ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। डॉ. एस. रंगनाथ ने कहा कि अपनी भाषा से प्रेम करें, लेकिन अन्य भाषाओं से द्वेष नहीं। पद्मश्री प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. मुकेश शर्मा ने अतिथियों का अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पहाड़ी टोपी पहनाकर स्वागत किया। ब्यूरो