शिमला। जिले के सुन्नी क्षेत्र में स्थित थल्ली गांव में सोमवार को शिव महापुराण कथा का समापन हुआ। इस दौरान कथावाचक पंडित सुरेश भारद्वाज ने श्रद्धालुाओं को 12 ज्योर्तिंलिंग की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि ज्योतिर्लिंग एवं ज्योतिर्लिंगम भगवान शिव का धार्मिक प्रतीक है। यह शब्द ज्योति और लिंगम का संयोजन है जिसका अर्थ है प्रकाश और शिव। उन्होंने बताया कि भगवान शिव विभिन्न रूपों में प्रकट हुए जहां प्रकाश का स्तंभ तीन अलग-अलग लोकों तक पहुंचा और बाद में ज्योतिर्लिंग बन गया। इस अवसर पर दोपहर 3 बजे पूर्णाहुति डाली गई जिसमें सभी आयोजकों ने भाग लिया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर कथा के आयोजक उमाचंद अवस्थी, प्रणव अवस्थी, प्रज्ञा अवस्थी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद