शिमला। शहर के बायचड़ी क्षेत्र के खनेट गांव में श्रीमद् भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हुआ। इस शुभ अवसर पर कथा के अंतिम दिन भक्तों को सुदामा चरित्र के बारे में बताया गया। कथावाचक पवन शर्मा ने भक्तों को सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता के बारे में बताया। बताया कि कैसे श्रीकृष्ण अपने महल से अपने मित्र सुदामा से मिलने के लिए नंगे पांव दौड़े चले आए और अपने मित्र को गले लगाकर, आंसुओं से उनके पैर धोये थे। कहा कि श्रीकृष्ण ने चावल के तीन निवालों में तीनों लोक सुदामा को दे दिए थे वैसे हमें भी मित्रता निभानी चाहिए। अंत में कथा के समापन के बाद कथावाचक पवन शर्मा को विदाई दी और भक्तों को प्रसाद बांटा गया। संवाद