प्रदेश के मैदानी जिला ऊना में पारा 43 डिग्री पहुंच गया है। मई महीने में सोमवार इस सीजन का सबसे अधिक गर्म दिन रहा। इससे पहले 20 अप्रैल को भी पारा 43 डिग्री के आंकड़े को छू गया था। साल 2012-13 के मई महीने में ही ऊना का पारा 45.2 डिग्री पहुंच गया था।
यह आज तक का सबसे अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था। ऊना के साथ कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर में पारा चढ़ने के साथ लू चलना शुरू हो गई है। वहीं, भीषण गर्मी से झुलस रहे सूबे के लोगों को मंगलवार से कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की है। साथ ही ओलावृष्टि होने का पूर्वानुमान भी जताया है। प्रदेश में गर्मी का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।
मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। लोग शाम को छह बजे के बाद ही घरों से निकल रहे हैं। लू चलने से स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को कांगड़ा में अधिकतम तापमान 37.2, सुंदरनगर में 38.6, भुंतर में 35.3, नाहन में 36.3, सोलन में 33.0, शिमला में 27.8, धर्मशाला में 33.2, मंडी में 33.5 और कल्पा में 23.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार और बुधवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू, मंडी और चंबा के कुछ क्षेत्रों में अंधड़ चलने, ओलावृष्टि और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। प्रदेश में 21 मई तक मौसम खराब रहने की संभावना है।-