टाउनहॉल और एडवांस स्टडी इमारतों की हालत से जुड़ी याचिका पर हाईकोर्ट ने दिए हैं नायिक निरीक्षण के आदेश
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव 19 मार्च को सौंपेंगे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी में बनीं ऐतिहासिक इमारतों के रखरखाव को लेकर हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेशों पर वीरवार को ऐतिहासिक वाइस रीगल लॉज में संचालित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस स्टडी) का न्यायिक निरीक्षण होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के सचिव की अगुवाई वाली टीम इस ऐतिहासिक भवन की हालत का जायजा लेगी और इसकी रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में पेश करेगी। प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से 7 जनवरी को जारी किए आदेशों के तहत यह निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद स्वतंत्र रिपोर्ट 19 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई से पहले न्यायालय में पेश की जाएगी। उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह मामला सामने आया था कि राष्ट्रीय महत्व की इस विरासत के लॉन, बाहरी दीवारों और समग्र संरक्षण की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
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अदालत को बताया कि भवन की बाहरी सतहों पर रखरखाव की कमी दिखाई दे रही है और परिसर की देखरेख उस स्तर की नहीं है जिसकी अपेक्षा एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान से की जाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के सचिव को स्वतंत्र निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार वीरवार पूर्वाह्न 11:00 बजे सचिव आईआईएएस परिसर पहुंचकर मौके पर स्थिति का आकलन करेंगे। इसमें भवन की मूल संरचना, पत्थर की दीवारों की दशा, छतों और बाहरी हिस्सों की स्थिति, लॉन और उद्यानों का रखरखाव, जल निकासी व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, समग्र संरक्षण उपायों को जांचा जाएगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि विरासत भवन केवल प्रशासनिक उपयोग की संपत्ति नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर है। इनका संरक्षण निर्धारित विरासत मानकों और विकास योजना के अनुरूप होना अनिवार्य है। सुनवाई के दौरान यह भी उल्लेख किया था कि हजारों पर्यटक प्रतिवर्ष इस भवन को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में इसकी स्थिति देश की छवि से जुड़ी है। उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और संस्थान के निदेशक को भी पक्षकार बनाते हुए रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
टाउनहॉल से जुड़ी है याचिका
यह याचिका मालरोड स्थित ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन से जुड़ी है। याचिकाकर्ता पवन कुमार बंटा ने इसके रखरखाव को लेकर सवाल उठाए हैं। इसी याचिका में अब एडवांस स्टडी भवन को शामिल किया है। याचिकाओं में आरोप लगाया है कि टाउनहॉल का इस्तेमाल 2019 में दिए अदालत के आदेशों के अनुरूप नहीं हो रहा है। आसपास का व्यावसायिक स्वरूप विरासत मानकों के विपरीत है। साथ ही आईआईएएस भवन के रखरखाव और संरक्षण पर भी सवाल उठे हैं। अदालत ने दोनों मामलों में स्थिति रिपोर्ट मांगी है और आईआईएएस का स्वतंत्र निरीक्षण करवाने के आदेश दिए हैं।