शिमला। राजधानी के गंज बाजार में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण लीला कथा के चौथे दिन शुक्रवार को बकासुर वध और कालिया नाग मर्दन की लीला का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास आचार्य सौरभ ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अपने सखा ग्वाल-बालों के साथ वन में गाएं चराने जाते थे। इस दौरान कंस द्वारा भेजा गया बकासुर विशाल बगुले का रूप धारण कर वहां पहुंचा और श्रीकृष्ण और उनके सखाओं को भयभीत करने लगा। कालिया नाग के विष से यमुना का जल दूषित हो गया था और ब्रजवासी भयभीत थे। भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना में प्रवेश कर कालिया नाग के फनों पर नृत्य किया और उसके विषैले अहंकार का अंत किया। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि यह कथा रोजाना शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। संवाद