शिमला। राधा-कृष्ण मंदिर गंज बाजार में आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन सोमवार को भगवान श्रीराम और हनुमान मिलन का प्रसंग सुनाया गया। शाम 4 बजे से शुरू हुई कथा में कथावाचक उमाकांत शास्त्री ने बताया कि हनुमान और भगवान श्रीराम का प्रथम मिलन केवल दो महापुरुषों का मिलन नहीं बल्कि भक्ति और भगवान के दिव्य संगम का प्रतीक है। सच्चा सेवक वही है जो बिना किसी स्वार्थ के अपने आराध्य के कार्य में स्वयं को समर्पित कर दे। हनुमान का जीवन विनम्रता, सेवा, समर्पण और अटूट श्रद्धा का सर्वोत्तम उदाहरण है। कथावाचक ने सुग्रीव मैत्री प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम सदैव सत्य, न्याय और धर्म का साथ देते हैं। इस अवसर पर सनातन धर्म सभा के प्रधान अजय सूद, महासचिव धर्मपाल पुरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण डोरा, वरिष्ठ संयुक्त सचिव सतपाल शर्मा, प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र, कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश सूद मौजूद रहे। संवाद