बिना चीरे के ऑपरेशन करने में हो रही है अब देरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के नाक, कान और गला (ईएनटी) विभाग में एक लेप्रोस्कोप मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में अब एक ही लेप्रोस्कोप मशीन के सहारे काम चल रहा है। इससे मरीजों की जांच करने में दिक्कतें आ रही हैं।
लेप्रोस्कोप की कमी के कारण मेजर और माइनर ऑपरेशन की तिथियां भी आगे बढ़ाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि ईएनटी विभाग के पास दो लेप्रोस्कोप हैं, जिनमें से एक कई दिनों से खराब पड़ा है। इसके खराब होने के बाद से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ईएनटी विभाग में लेप्रोस्कोप का इस्तेमाल नाक, कान और गले से संबंधित विभिन्न बीमारियों की जांच और ऑपरेशन के लिए किया जाता है। इस उपकरण की मदद से चिकित्सकों को शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बेहतर तरीके से देखने में आसानी होती है। साथ ही, कई प्रकार की सर्जरी बिना बड़ा चीरा लगाए की जा सकती हैं। इससे मरीजों को ऑपरेशन के दौरान कम परेशानी होती है और रिकवरी भी जल्दी होती है। ईएनटी ओपीडी में रोजाना करीब 250 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में उपकरण की कमी के कारण मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि यदि खराब लेप्रोस्कोप को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया, तो उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन के अनुसार लेप्रोस्कोप को जल्द ठीक कर दिया जाएगा। इसके बाद मरीजों को पहले की तरह सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।