कर्मचारियों को लिखित में देना होगा जवाब
34 सुपरवाइजरों समेत 41 कर्मचारी किए हैं बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में हड़ताल के चलते बर्खास्त किए सैहब सोसायटी के 41 कर्मचारी शुक्रवार को काम पर पहुंच गए। सुबह जैसे ही इन कर्मचारियों ने हाजिरी को लेकर दफ्तर के कर्मचारियों से संपर्क किया तो पता लगा कि इनकी हाजिरी फिलहाल नहीं लगेगी।
नगर निगम ने इन कर्मचारियों को वापस भेज दिया। इनसे से कहा गया कि पहले बर्खास्तगी के आदेशों पर लिखित जवाब देना होगा। बताना होगा कि आखिर क्यों एस्मा लागू होने के बाद हड़ताल खत्म नहीं की गई और अब उन्हें किस आधार पर वापस काम पर रखा जाए। नगर निगम का कहना है कि किसी भी कर्मचारी को बर्खास्त करने के आदेश एकाएक वापस नहीं लिए जा सकते। नियमानुसार इसके लिए दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करनी जरूरी है। सभी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के अलग-अलग आदेश पत्र जारी हुए हैं। अब कर्मचारियों को इनका लिखित जवाब नगर निगम आयुक्त को सौंपना होगा। काम पर वापस लेने का मजबूत आधार बताना होगा। बर्खास्त होने से इन कर्मचारियों की सेवाओं में ब्रेक लगी है। ब्रेक इन सर्विस के चलते इनके वेतन, भविष्य में मिलने वाले लाभों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस पर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल नगर निगम को लिखित जवाब देना अनिवार्य है।
नगर निगम ने एस्मा लागू होने के बावजूद हड़ताल करने वाले 41 कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। इनमें सैहब कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह समेत अन्य पदाधिकरी और 34 वार्डाें में सुपरवाइजर शामिल हैं। इन सभी की हाजिरी फिलहाल नहीं लगेगी। इसके अलावा जब तक इनकी सेवाएं बहाल नहीं होती, तब तक इन्हीं तनख्वाह में कट लगना तय है। हड़ताल पर रहे बाकी कर्मचारियों की भी सैलरी में कट लगेगा। जितने दिन कर्मचारियों ने कूड़ा नहीं उठाया है, उतने दिन की तनख्वाह नहीं मिलेगी।