फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट पॉलीटिकल ऐजेंडे के मुताबिक : वाजपेयी

Fri, 11 Jul 2014 08:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने बजट में अपने पॉलिटीकल ऐजेंडे पर केंद्रित रखा है, शहरीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए गए है। अर्थशास्त्री व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एडीएन वाजपेयी के मुताबिक बिजली उत्पादन बढ़ाने नए शहरों को विकसित करने, हवाई सेवा विस्तार व अन्य सुविधाएं जुटाया जाना है।
विज्ञापन


वहीं निदयों को जोड़ने, धार्मिक स्थलों के विकास की घोषणाओं और बजट प्रावधान ने सरकार का हिंदुत्व वाला चेहरा सामने आया है। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जो कदम उठाने की बात की है।

बजट प्रावधान किए है, वह नाकाफी है, उत्पादकता को बढ़ाने के लिए कम प्रयास किए है, वहीं देश में मानसून की अनिश्चितता और आधारभूत, ढांचागत विकास के लिए और ध्यान दिया जाना चाहिए था।
विज्ञापन


सरकार ने प्रदेश हिमाचल को आईएमएमएस सहित अन्य राज्यों को आईआईटी, आईआईएमएस देने और उसको बजट प्रावधान जरूर किया है, मगर देश के 80 फीसदी छात्रों को उच्च शिक्षा देने वाले केंद्रीय और प्रदेश के विश्वविद्यालयों कालेजों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए कोई बजट प्रावधान और अपग्रेडेशन की कोई योजना नहीं है।

स्वास्थ्य, परिवहन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने को किए प्रयास हुए है, मगर यह कम है। आयकर का स्लैब बढ़ाया गया, मगर यह कम है, सेवा निवृत कर्मचारियों के लिए सीमा बढ़ाया जाना स्वागत योग्य है।

मगर यह कम है। केंद्र के इस बजट में उदारीकरण और आर्थिक सुधार की दिशा में एफडीआई की सीमा को जरूर बढ़ाया गया है।

बजट में महंगाई से निपटने के लिए उम्मीद के मुताबिक ठोस कदम नहीं उठाए गए है। प्रतिमा के लिए दो सौ करोड़ का बजट प्रावधान हेरान कर देने वाला फैसला है। केंद्र के इस बजट से महंगाई बढ़ेगी, सरकार ने रेल किराया, डिजल केरोसीन के दाम पहले बढ़ा दिए है।
विज्ञापन


बजट में डेफिसिट को कम करने और गैर उत्पादक व्यय को कम करने लिए क्या कदम उठाए गए, यह स्थिति साफ नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें