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1971 के बाद पाकिस्तान में आतंकियों पर सबसे बड़ा हमला: ब्रिगेडियर

Tue, 26 Feb 2019 08:13 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर/धर्मशाला
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कारगिल युद्ध के हीरो ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने कहा कि वायु सेना की मंगलवार तड़के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई से सैनिकों, पूर्व सैनिकों और जनता का मनोबल बढ़ा है। 1971 के बाद का यह पाकिस्तान में घुसकर सबसे बड़ा हमला है।

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पाकिस्तान की सीमा तो कारगिल युद्ध के दौरान भी पार नहीं की थी लेकिन, भारतीय वायु सेना की ओर से की गई कार्रवाई सराहनीय है। इस कार्रवाई में सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें किसी आम नागरिक को हानि नहीं पहुंचाई गई है, केवल जैश के आतंकियों का सफाया किया गया है।

हर भारतीय अपने 44 सैनिकों की शहादत का बदला देखकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह के नेतृत्व में 16 ग्रेनेडियर ने टाइगर हिल और तोलोलिंग पर चढ़ाई कर कारगिल में विजय हासिल की थी। कारगिल युद्ध के लिए सबसे ज्यादा उनकी ही बटालियन को 52 वीरता पुरस्कार मिले हैं। 

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पाक से लिया बदला, प्रमाण मांगना घटिया हरकतें : किशोर 

पूर्व सैनिक लीग के उपाध्यक्ष सैनिक ठाकुर किशोर चंद ने कहा कि भारत ने पुलवामा आतंकी हमले का हवाई स्ट्राइक कर पाकिस्तान से बदला ले लिया है। किशोर चंद वायु सेना में रहते हुए 1961 में गोवा ऑपरेशन, 1962, 1965 और 1971 की लड़ाई में हिस्सा ले चुके हैं।

उन्होंने कहा कि सेना की यह कार्रवाई भारत के शहीद सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि है। सेना के कार्यों पर कटाक्ष और राजनीति नहीं करनी चाहिए। सेना के ऐसे ऑपरेशनों के प्रूफ मांगना घटिया हरकतें होती हैं।
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पुलवामा हमले के घावों पर लगाया मरहम : मनकोटिया

पूर्व सैनिक लीग के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले में देश को मिले जख्मों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मरहम लगाया है।

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हुई कार्रवाई का यदि पाकिस्तान जवाब देता है तो भारत को पीछे नहीं हटना चाहिए। पुलवामा हमला पाकिस्तान के पाले हुए आतंकियों की पहली हिमाकत नहीं थी।

इससे पहले भी भारत पर हुए कई आतंकी हमलों से पाकिस्तान के तार जुड़े हैं। पुलवामा आतंकी हमले से देश के लोगों में रोष पैदा हुआ था। इस रोष को शांत करने के लिए ऐसी ही कार्रवाई की जरूरत थी।     
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