इस अवसर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। सरवीन ने कहा कि प्रदेश के 54 शहरी स्थानीय निकायों में से 25 खुला शौच मुक्त घोषित कर दिए हैं। जल्द ही 10 और 11 अन्य शहरी निकाय भी खुला शौच मुक्त हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सबसे सुंदर, साफ-सुथरे तथा स्वच्छ शहरी निकायों की तीन से सात स्टार तक रैंकिंग की जाएगी। जो शहरी निकाय सबसे साफ, सुंदर और स्वच्छ होंगे उन्हें भारत सरकार का शहरी विकास मंत्रालय स्टार रैंकिंग देगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी निकायों को खुला शौच मुक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि हिमाचल प्रदेश स्वच्छ व खुला शौच मुक्त में देश के पहले स्थान पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान शहरी विकास विभाग के लिए सरकार ने 487 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इस मौके पर सरवीण चौधरी ने ऊना और हमीरपुर जिलों के 17 स्वयं सहायता समूहों को बतौर रिवोलविंग फंड के चेक वितरित किए।
इससे पहले शहरी विकास विभाग के निदेशक डॉ. डीके गुप्ता ने विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी रखी। इससे पहले उन्होंने नगर परिषद पार्क ऊना में सफाई अभियान भी चलाया तथा पार्क की साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए ऊना के गगरेट व टाहलीवाल नगर पंचायतों को 20-20 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इसी तरह पार्क निर्माण के लिए सरकार 60 प्रतिशत अनुदान देगी। जिसके लिए भी बजट में 10 करोड रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि पार्क निर्माण के लिए ऊना को 65 लाख, संतोषगढ़, मैहतपुर, टाहलीवाल, हमीरपुर, सुजानपुर तथा भोटा शहरी निकायों को 10-10 लाख, जबकि गगरेट, दौलतपुर व नादौन के लिए 5-5 लाख रुपये की राशि जारी की है।
इस अवसर पर उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एपीएमसी ऊना के अध्यक्ष बलवीर बग्गा, नगर परिषद ऊना के अध्यक्ष बाबा अमरजोत सिंह बेदी सहित विभिन्न स्थानीय निकायों के जन प्रतिनिधि, शहरी विकास विभाग के अधिकारी एवं अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।