शिमला। विशेष न्यायाधीश-दो शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने चिट्टा तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले खारिज हुई जमानत याचिका की जानकारी छिपाना गंभीर दुराचरण है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को ठियोग के मतियाना विश्राम गृह के पास एक बोलेरो कैंपर वाहन से 34.440 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। गाड़ी में कुल्लू निवासी आरोपी चांद प्रकाश सहित चार लोग सवार थे। अदालत ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था। अदालत ने पाया कि आरोपी चांद प्रकाश ने अपनी मौजूदा जमानत याचिका में यह तथ्य छिपाया कि उसकी इससे पहले की जमानत याचिका अदालत से खारिज हो चुकी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पूर्व में दिए फैसले या लंबित मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है। संवाद