16वां वित्तायोग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पूछेगा कि हिमाचल प्रदेश की आगामी पांच वर्षों की जरूरत क्या है। इसके लिए राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में 24 जून को महत्वपूर्ण बैठक होगी। अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढि़या करेंगे। इसी तरह से आयोग की एक अन्य बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उनकी पूरी कैबिनेट और मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना समेत सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ होगी। आयोग आगामी पांच सालों के लिए केंद्र से आर्थिक मदद पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा।
एक अप्रैल 2026 के बाद 16वें वित्तायोग की सिफारिशें लागू होनी हैं। इसकी सिफारिशों के तहत ही राज्यों के लिए राजस्व का वितरण होता है। यानी केंद्रीय करों में प्रदेश की कितनी हिस्सेदारी रहेगी। इसके अलावा राज्य को कितना राजस्व घाटा अनुदान मिलने वाला है। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के लिए केंद्र से कितनी आर्थिक मदद दी जानी है। 16वां वित्तायोग से संबंधित ऐसे तमाम विषयों पर स्थिति साफ करेगा। इसके लिए यह हिमाचल की परिस्थितियों को समझेगा।
इसी संदर्भ में आयोग शिमला पहुंचकर 24 जून को अलग-अलग बैठकें लेगा। 23 जून को आयोग के सदस्य शिमला पहुंचेंगे। 24 जून को ही प्रदेश सरकार और इसी दिन पंचायत राज संस्थाओं और शहरी निकायों के प्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ भी बैठक होगी। फिर व्यापार, वाणिज्य, होटल व्यवसायियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी आयोग संवाद करेगा। इनसे पूछेगा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए किस-किस तरह के कदम उठाए जा सकेंगे और इसके लिए केंद्रीय मदद की किस तरह की अपेक्षा है। 25 को धर्मशाला जाएंगे वित्त आयोग के अध्यक्ष25 जून को वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद धर्मशाला जाएंगे। उनकी टीम के सदस्य सोलन में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भेंट करेंगे। बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।