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थैलेसीमिया पीड़ित को भी मिलेगा दिव्यांग का सर्टिफिकेट

Mon, 05 Aug 2019 01:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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thalassemia - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल सरकार ने थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों के दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाने शुरू कर दिए हैं। दिव्यांगजन अधिकार कानून 2016 में नई जोड़ी गई दिव्यांगता के लिए भी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार की इस पहल पर राज्य दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है।

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बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि सर्टिफिकेट बनने से इन बच्चों को दिव्यांगता पेंशन, छात्रवृत्ति, पढ़ाई और नौकरी में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। श्रीवास्तव ने बताया कि थैलेसीमिया एवं अन्य दिव्यांगता वाले व्यक्ति स्वावलंबन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद संबंधित जिले के जिला अस्पताल में निर्धारित दिन पर मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर अपना प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।

जिला मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनवाने के बाद उन्हें स्वावलंबन पोर्टल पर अपने संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इससे उन्हें एक नया यूडीआईडी कार्ड प्राप्त होगा, जो दिव्यांगता प्रमाणपत्र के तौर पर पूरे देश में मान्य होगा। उन्होंने बताया कि 1995 के दिव्यांगता कानून में सिर्फ सात दिव्यांगता को ही जगह दी गई थी, लेकिन दिव्यांगता जन अधिकार कानून 2016 में 21 दिव्यांगता परिभाषित की गई हैं। इनमें थैलेसीमिया के साथ ही एसिड अटैक पीड़ित, हीमोफीलिया, मूक, पार्किसिंन, डेफ ब्लाइंड, लर्निंग डिसेबिलिटी, स्किल सेल आदि को भी शामिल किया गया है।
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इन सभी रियासतों और लाभ के लिए दिव्यांगता का प्रतिशत कम से कम 40 या उससे अधिक होना चाहिए। बताया कि नए कानून के मुताबिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 12वीं तक की शिक्षा में 4 प्रतिशत और उच्च शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। उन्हें बढ़ी हुई दरों पर वजीफा भी दिया जाएगा। इसके अलावा सभी प्रकार की सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण भी मिलेगा।

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