माजरा पंचायत के ग्राम मेलियों स्थित धार्मिक स्थल में आग लगाने और धार्मिक किताब की प्रतियां जलाने पर तनाव हो गया है। गुस्साए लोग सड़क पर उतर गए और देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर एक घंटे तक चक्का जाम किया।
प्रदर्शन पर डटे लोगों को डीसी, एसपी और डीएसपी ने मुश्किल से शांत करवाया। ग्रामीण भी सड़क से तब हटे जब तीन दिन के भीतर दोषियों को पकडने का पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया।
रविवार देर रात ग्राम पंचायत माजरा क्षेत्र के तहत मेलियों गांव के समीप स्थित एक धार्मिक स्थल पर अज्ञात शरारती तत्वों ने आग लगा दी। इस दौरान धार्मिक पुस्तकों को भी नष्ट किया गया। सेवारत व्यक्ति ने कमेटी के सदस्यों और पुलिस थाने में सूचित कर दिया।
लोग आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। सोमवार को करीब 6 घंटे दहशत का माहौल बना रहा। इस घटना का पता चलते ही सैंकड़ो लोग धार्मिक स्थल पर एकत्र हो गए। मौके पर सैंकड़ो लोगो की बैठक शुरू हुई।
जिसमें जिला प्रसाशन और पुलिस विभाग से बार-बार इन क्षेत्रों में हो रही ऐसी घटिया वारदातों को अंजाम देने वालों से सख्ती से नहीं निपटने पर रोष जाहिर यिका गया।
पुलिस के नर्म रुख से लोग नाराज
नजाकत अली हाशमी, नासिर रावत व फरीज खान ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को लेकर पुलिस विभाग के नर्म रुख से लोग खासे नाराज है। पिपलीवाला मामले में एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। इसी वजह से बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही है।
बता दें की पिपली वाला धार्मिक स्थल पर पहले पानी की टंकी में जहर घोल दिया। प्रांगण में शौच करने और खिड़की को सुतली बम से उड़ाने के बाद आग लगाने की कोशिश भी यहां हो चुकी है। इन सभी मामलों के आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है।
उधर, चक्का जाम पर बैठे ग्रामीणों को समझाने के लिए एसपी सिरमौर रोहित मालपानी, एसडीएम एचएस राणा व डीएसपी प्रमोद चौहान मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को बुधवार तक आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद लोग सड़क से हटे। उधर, एसपी सिरमौर रोहित मालपानी ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है। आगजनी मामले के शरारती तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुस्तक की 40 प्रतियां जलाई
माजरा के समीप मेलियों गांव के धार्मिक स्थल में पवित्र किताब की 40 प्रतियां जलाई गई है। उपायुक्त बीसी बडालिया ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने पुलिस विभाग को इस मामले की त्वरित जांच कर शीघ्र आरोपियों को पकडने के आदेश दिए हैं।
वारदात के बाद उपायुक्त ने समुदाय से जुड़े लोगों के साथ बैठक की और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही मामला सुलझाया जाएगा। पुलिस ने तीन दिन के भीतर आरोपियों को पकडने का आश्वासन दिया है।