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Shimla News: संदीप शाह गिरोह के दस और पैडलर गिरफ्तार

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शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के आरोपियों की धरपकड़ के लिए ठियोग, रोहड़ू और डोडरा क्वार समेत कई जगह दी दबिश
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देर रात आरोपियों को शिमला लाई पुलिस, आज में कोर्ट में किया जाएगा पेश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। संदीप शाह अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह के लिए नशा तस्करी करने वाले लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला पुलिस ने सोमवार को ऊपरी शिमला के कई इलाकों में दबिश दी और दस पैडलरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की टीमों ने इनकी धरपकड़ के लिए ठियोग, जुब्बल, डोडरा क्वार और शिलारू समेत कई जगह दबिश दी। पुलिस की यह कार्रवाई रात तक जारी रही। इसके बाद पुलिस की टीमें देररात आरोपियों को शिमला लेकर आ गई है। मंगलवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अभी तक इस मामले में सरगना समेत 26 लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों की नशा तस्करी में संलिप्तता पाई गई है। इनके खिलाफ कार्रवाई से पहले नशे की खरीद-फरोख्त के लिए लेनदेन से संबंधित पुख्ता सुबूत जुटाए गए हैं। पुलिस गिरोह के सरगना संदीप शाह को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार करके ला चुकी है। इसका मुख्य साथी नीरज कश्यप दिल्ली से पकड़ा गया है।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संदीप शाह दिल्ली में चिट्टा तस्करी से जुड़े नाइजीरियन से नशे की खरीद करता था। इसके बाद पैडलरों के जरिये शिमला और आसपास के क्षेत्रों में चिट्टा सप्लाई करता था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के कारण उसने सोशल मीडिया पर करीब 200 लोगों का सिडिंकेट तैयार किया था। वे तस्करी नेटवर्क में उसके लिए काम करते थे। अब पुलिस इसी सिडिंकेट से जुड़े पैडलरों की धरपकड़ कर रही है। इसके अलावा पुलिस गिरोह से जुड़े 29 बैंक खातों में जमा करीब 4 करोड़ रुपये की राशि भी फ्रीज कर दी है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह 25 से 30 करोड़ रुपये की नशा तस्करी को अंजाम दे चुका है।

ऑनलाइन नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहा सरगना
शिमला पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ दो साल से ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद चिट्टा तस्करी के मामले में लगातार सामने आ रहे थे। जब पुलिस ने नशे के साथ पकड़े लोगों से कड़ी पूछताछ की तो उन्होंने संदीप शाह का नाम उगला। खास बात यह थी कि शाह नशा तस्करी के नेटवर्क पूरे नेटवर्क को ऑनलाइन चला रहा था। किसी से भी बात करने के लिए वह विदेशी डिजिटल नंबरों का इस्तेमाल करता था। नशा खरीदने वाला शख्स ऑनलाइन पेमेंट उसके बताए खातों में करता था। इसके बाद उसे व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विभिन्न नंबरों से वीडियो भेजकर चिट्टा लेने की लोकेशन भेजी जाती थी। इसी खास तरकीब के कारण वह कई सालों तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया। कई मामलों में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एडवांस्ड साइबर टूल की मदद से सरगना के बारे में जानकारियां जुटाईं। दिसंबर में पुलिस ने कोलकाता पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। बताया जा रहा है कि नशा तस्करी के लिए वह डार्क वेब का भी इस्तेमाल करता था।

एएसपी अगुवाई में टीम कर रही जांच
संदीप शाह गिरोह के मामले का भंडाफोड़ करने के लिए एएसपी नवदीप सिंह की अगुवाई में पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। डीएसपी शक्ति सिंह और एसएचओ धर्मसेन नेगी भी टीम का हिस्सा हैं। इसके अलावा तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी दिनरात ऑनलाइन चिट्टा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य जुटाकर पुलिस टीम को गिरोह से जुड़े पैडलरों की पहचान करने में मदद कर रही है।
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अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर संदीप शाह सिडिंकेट के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दस और लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में गहन जांच के बाद लेनदेन के मिले तथ्यों के आधार पर इन लोगों की गिरफ्तारी की गई है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और लोगों की गिरफ्तारी होगी।
संजीव कुमार गांधी, एसएसपी, शिमला
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