सूत्रों का कहना है कि ज्योति स्वरूप, सत्ती और चौहान घपले के दौरान सिरमौर के बेहराल बैरियर पर तैनात थे। इसी बैरियर से टेक्नोमैक कंपनी ने करोड़ों का माल कागजों पर इधर से उधर किया जिसके बाद कंपनी का टर्नओवर और प्रोडक्शन कागजों में बढ़ गया और फिर उसने कई बैंकों के समूह से करोड़ों का लोन लेकर हड़प कर लिया।
दुबई पुलिस की हिरासत में चल रहे कंपनी के एमडी राकेश कुमार शर्मा पर सीआईडी अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाह रही। यही वजह है कि दुबई भेजने के लिए दस्तावेजों को जिस फर्म की मदद से अरबी भाषा में अनुवाद कराया जा रहा है, उससे अधिकारी लगातार संपर्क कर जल्द से जल्द भेजने को कह रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगले हफ्ते तक अरबी भाषा में तैयार डोजियर मिलते ही उसे गृह व विदेश मंत्रालय की मदद से दुबई की अदालत में पेश किया जाएगा।