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हजारों कर्मियों का इतने करोड़ डकार गई टेक्नोमैक कंपनी

Thu, 15 Mar 2018 09:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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इंडियन टेक्नोमैक कंपनी ने सरकारी खजाने को तो चपत लगाई ही, खून पसीना एक करने वाले कामगारों और कर्मचारियों का पैसा भी डकार लिया है। कंपनी प्रबंधन पर कर्मचारी वर्ग की गाढ़ी कमाई के 50 से 70 करोड़ रुपये की देनदारी है।

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इन कर्मचारियों और कामगारों ने इकाई प्रबंधन वर्ग से भुगतान के लिए संघर्ष भी किया था, लेकिन प्रबंधन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। वर्ष 2008 में इंडियन टेक्नोमैक कंपनी पांवटा के जगतपुर में पहुंची।

हजारों लोगों को रोजगार देने के सपने दिखाए गए। वर्ष 2010 में उत्पादन शुरू किया गया। इकाई में रिफाइंड एलॉय-हवाई जहाज तथा अन्य जहाजों के पुर्जे बनाए जाते थे।
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कभी इस इकाई में दर्जनों ठेकेदारों के माध्यम से करीब 3500 कामगार तथा 250 कर्मचारी कार्यरत थे। कर्मचारियों की मेहनत का पैसा भी कंपनी डकार गई।

ईपीएफ का पैसा भी कंपनी ने जमा नहीं करवाया है। कार्य विस्तार के लिए संचालक विभिन्न बैंकों से ऋण लेते रहे। जो रकम अब खुलासा होने पर करीब 2300 करोड़ बताई जा रही है।

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इसी इकाई में कार्यरत रहे कामगारों व कर्मचारियों की लंबित बकाया राशि जो एक वर्ष से नहीं मिली, वह भी 50 से 70 करोड़ के बीच बताई जा रही है।

यह पैसा अक्तूबर 2014 में इकाई के सीज होने पर डूब गया था। इकाई में कार्यरत रहे कर्मचारियों और मजदूरों ने पैसा मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है।

कंपनी में कार्यरत रहे नीरज बंसल, मनमोहन शर्मा, सतीश शर्मा, सुभाष चंद और कमल पांडे ने बताया कि उनके साथ कंपनी ने धोखाधड़ी की है।

एफआईआर दर्ज होने से उन्हें उनकी बकाया राशि ब्याज सहित मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस को सौंपे शिकायत पत्र में ईपीएफ के पैसे का भी जिक्र किया गया है। एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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