गौरतलब है कि इंडियन टेक्नोमैक पर करीब 6000 करोड़ घोटाले का मामला चल रहा है जिसमें कंपनी पर आबकारी एवं कराधान विभाग के करीब 2175.51 करोड़ रुपये टैक्स चोरी के आरोप हैं। इसके साथ बैंक ऋण, बिजली बोर्ड समेत करीब 6 हजार करोड़ के घपले की सीआईडी टीम जांच कर रही है।
विभागीय कार्यालय में इंडियन टेक्नोमैक कंपनी का पंजीकरण नहीं था। पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। यदि किसी ने लाभ लेने हैं तो उसका पंजीकरण जरूरी होता है। टेक्नोमैक ने हालांकि आवेदन किया था। उनसे दस्तावेजों की औपचारिकताएं पूरी करने का कहा गया था। लेकिन, बाद में वह दस्तावेज नहीं दे पाए।
माजरा के जगतपुर में पहले अरविंद चौधरी व बाद में अर्श कास्टिंग प्राइवेट कंपनी के नाम से नियमित पंजीकरण 1990 में हुआ था। 2 जुलाई 2007 में डी-रजिस्ट्रेशन हुई। - सुभाष चौधरी, सदस्य सचिव, एकल खिड़की समाधान अभिकरण उद्योग विभाग पांवटा