आबकारी एवं कराधान विभाग ने कंपनी के डायरेक्टरों को कई नोटिस भेजे हैं, लेकिन, रिकवरी नहीं हो पाई। सीआईडी ने भी मामला दर्ज किया है। सीआईडी बिजली बोर्ड की फसी राशि की जांच कर रही है। वर्ष 2017 में आबकारी विभाग ने मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया।
इंडियन टेक्रोमैक की देश में विभिन्न कंपनियां हैं। करीब 40 असेस्ट्स चिन्हित किए गए हैं। इनके माध्यम से रिकवरी की जानी है। मामला ईडी या सीबीआई के पास जाने के बाद ही यह संभव हो सकेगा। ईडी को वहीं मामले सौंपते जा सकते हैं, जिसमें एफआईआर दर्ज हो। लिहाजा, यह एफआईआर दर्ज हुई है। - जीडी ठाकुर, सहायक आयुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग