शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में 1 जून से शिक्षकों के तबादलों पर पूर्ण रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद 31 मार्च 2026 तक तबादले नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों को 31 मई तक तबादलों के सभी आवेदनों का निपटारा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि तबादलों के लिए विभाग के पास करीब 18 हजार आवेदन आए हैं। विभाग आवेदनों की छंटनी करने में जुटा हुआ है। अगले 16 दिन में प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कोई भी तबादला आदेश जारी नहीं होंगे। सालभर तबादले इसलिए नहीं किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए तबादला नीति पर भी मंथन किया जा रहा है। अधिकारियों के साथ इसको लेकर चर्चा की जा रही है। विभाग प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष भी रखेगा। पिछके कुछ सालों से इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, लेकिन सिरे नहीं चढ़े।
778 अंशकालिक जलवाहकों को किया नियमित : रोहित
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में कार्यरत 778 अंशकालिक जलवाहकों को नियमित कर दिया है। 31 मार्च 2025 तक 11 साल की सेवा पूरा करने वाले अंशकालिक जलवाहक और दैनिक वेतनभोगियों को चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियमित किया गया है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया है। कहा कि सरकार विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पदों को भर रही है और शिक्षकों के 15,000 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें प्राथमिक शिक्षा विभाग में 3900 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 3100 पद शीघ्र ही भरे जाएंगे। प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 6200 नर्सरी अध्यापकों की नियुक्ति की जा रही है। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई थी, लेकिन वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भरकर शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुखता से कार्य कर रही है। प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में कार्यरत 200 से अधिक कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की सेवाएं नियमित की गई हैं। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग में 483 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की गई है।