इसके अलावा नौकरी के बचे हुए सालों के आधार पर भी नंबर दिए जाएंगे। तबादलों के दौरान अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को सामान्य क्षेत्रों में नियुक्तियां मिलेंगी जबकि कम नंबर लेने वाले शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ेगा। तबादलों की दृष्टि से हिमाचल के 5 जोन बनाए जाएंगे। नौकरी के दौरान हर जोन में शिक्षक को सेवाएं देना अनिवार्य होगा। ए और बी जोन प्रदेश के सुगम क्षेत्र होंगे, जबकि सी, डी और ई दुर्गम, अति दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र मेें आएंगे।
ए और बी जोन के सुगम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को कम से कम पांच साल और अति आवश्यक होने पर सात साल के बाद बदला जाएगा। सी, डी और ई जोन में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के तीन साल बाद तबादले होंगे। जेबीटी, क्राफ्ट एंड वोकेशनल, टीजीटी, हेडमास्टर, पीजीटी, प्रिंसिपल, असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर तबादला नीति की जद में आएंगे। जिला कैडर वाले शिक्षकों को जिलों में और स्टेट कैडर के शिक्षकों को पूरे प्रदेश में कहीं भी भेजा जा सकेगा।