हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के विभिन्न स्कूलों में कई शिक्षक अध्यापन कार्य के अलावा युवाओं का भविष्य संवारने में भी पीछे नहीं है। अपने स्तर से पहल कर ये शिक्षक ड्यूटी के अलावा भी सक्रिय रहकर बेहतरीन समाज के निर्माण में जुटे हैं। कोई अपनी जेब से खर्चा कर विद्यार्थियों को सुविधा दे रहा है तो कोई अतिरिक्त कक्षाएं लेकर बच्चों को पढ़ाई में निपुण बनाने में जुटा है। युवाओं को सेना व पुलिस भर्ती के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं कराने में भी जिले के कई शिक्षक सक्रिय हैं। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए शिक्षक अपने ही खर्चे से साधन जुटा रहे हैं। शिक्षक दिवस पर ऊना जिला के ऐसे ही कुछ शिक्षकों से अवगत कराती यह रिपोर्ट...
विश्व रतन तैयार कर रहे अग्निवीर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बदोली में तैनात अध्यापक विश्व रतन सेना की नई अग्निपथ भर्ती योजना के लिए अग्निवीर तैयार करने में जुटे हुए हैं। खिलाड़ी विश्व रतन ने अपनी 16 वर्ष की सेवा में खिलाड़ियों को अभ्यास करवा कर सेना और पुलिस भर्ती के लिए तैयार किया। अब तक उनसे प्रशिक्षित 70 युवा भर्ती हो चुके हैं। अब अग्निवीर टेस्ट की तैयारी के लिए भी वह निशुल्क अभ्यास करवा रहे हैं। विश्व रतन का कहना है कि अध्यापक केवल बच्चों के लिए ही नहीं समस्त समाज के लिए रोल मॉडल होना चाहिए। एक अध्यापक से सारा समाज अच्छे कार्य की अपेक्षा रखता है। अपना मान सम्मान बरकरार रखना अध्यापक के अपने हाथ में है।
बच्चों को शिक्षा से जोड़ रहे जसमेर सिंह
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रायंसरी में सेवारत जसमेर सिंह स्कूल न आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने का काम कर रहे हैं। कक्षा में न आने वाले विद्यार्थियों के घर पहुंचकर वह उन्हें अपनी गाड़ी में स्कूल तक पहुंचाते हैं। स्कूल न आने का कारण पता लगाने के साथ काउंसलिंग कर उन्हें शिक्षा से जोड़ते हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने ऑफलाइन मोड पर बच्चों का मार्गदर्शन किया। शिक्षक जसमेर सिंह का कहना है कि वह अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से निभाने का प्रयास करते हैं। शिक्षा से विद्यार्थी को जोड़ना ही उनका कर्तव्य है।