महज 15 छात्रों के लिए 5 टीचर। फिर भी इनके पास पेपर चैक करने का टाइम नहीं। मनमर्जी से छात्रों को पास फेल बता दिया। मगर जब स्कूल का औच निरीक्षण हुआ तो इनकी कारगुजारी का खुलासा भी हो गया। मामला हिमाचल के मंडी जिले का है।
यहां एक मिडल स्कूल में उत्तर पुस्तिका जांचे बिना ही पास फेल किया जा रहा है। मामला राजकीय माध्यमिक पाठशाला चढियारा का है। यहां छठी से आठवीं तक महज 15 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस स्कूल में पांच शिक्षक तैनात हैं।
बावजूद इसके स्कूल के शिक्षकों के पास तसल्ली से बच्चों के उत्तर पुस्तिका देखने का समय नहीं है। स्कूल में तैनात शिक्षक ने बिना उत्तर पुस्तिका को देखे ही स्कूल के रजिस्टर व बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में अंक चढ़ा दिए हैं। चार बच्चों की उत्तर पुस्तिका चेक किए बिना नंबर लगाए गए हैं। किसी को पास कर दिया तो किसी को फेल।
ऐसे हुआ खुलासा, शिक्षकों में मचा हड़कंप
शिक्षा विभाग की इंस्पेक्शन कैडर सैल की दबिश में इसका खुलासा हुआ है। संबंधित स्कूल के शिक्षकों से विभाग ने दस दिन में जवाब तलब किया है। वीरवार को शिक्षा विभाग की इंस्पेक्शन कैडर सैल की टीम ने उपनिदेशक इंस्पेक्शन मोहन लाल की अगुवाई में जिले के दो स्कूलों में दबिश दी।
सबसे पहले टीम राजकीय मिडल स्कूल चढियारा पहुंची। इंस्पेक्शन टीम के अचानक स्कूल पहुंचते ही शिक्षकों में हड़कंप मच गया। स्कूल में स्टाफ तो पूरा पाया गया, लेकिन व्यवस्था में खामियां पाई गई हैं। इसके बाद टीम ने स्कूलों का रिकार्ड खंगालना शुरू किया।
हाजिरी रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद जब वार्षिक परिणाम के रिकार्ड की जांच की गई तो परिणाम बेहतर नहीं था। अधिकारियों ने हाउस एग्जाम की उत्तर पुस्तिकाओं को जांच की। जांच में चार उत्तर पुस्तिका बिना मूल्यांकन के पाई गई।
जिस पर अधिकारियों ने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड व रजिस्टर की जांच भी की। रजिस्टर व रिपोर्ट कार्ड में बच्चों को शिक्षकों ने बाकायदा नंबर लगा दिए थे। इसके अलावा इस स्कूल का परीक्षा परिणाम भी अच्छा नहीं रहा है। इस पर इंस्पेक्शन कैडर सेल की टीम ने स्कूल प्रबंधन को फटकार लगाई।
10 दिन के भीतर स्कूल से मांगा जवाब
विभाग ने आगामी 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्कूल मुखिया व अन्य शिक्षकों पर गाज गिर सकती है। इसके बाद इंस्पेक्शन कैडर सेल की टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगला का निरीक्षण किया।
यहां पर भी स्कूल की व्यवस्था को जांचा। हालांकि यहां पर कुछ हद तक व्यवस्था सही पाई गई। औचक निरीक्षण के दौरान इंस्पेक्शन कैडर सैल के प्रधानाचार्य राजेंद्र व नेकराम भी मौजूद रहे।
जिले के दो स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें चढियारा स्कूल में उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन किए बिना ही शिक्षकों ने बच्चों की रिपोर्ट कार्ड में अंक दर्ज कर दिए हैं। स्कूल मुखिया व शिक्षकों से दस दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है।..मोहन लाल उपनिदेशक इंस्पेक्शन कैडर सैल मंडी