उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव को लिखे पत्र में दसवीं और जमा दो कक्षा का ओवर ऑल पास प्रतिशत का ब्योरा मांगा है। इसके अलावा पूछा गया है कि कितने बच्चों के 60 फीसदी से अधिक अंक आए हैं? टॉप 500 बच्चे कौन हैं? टॉप 50 में कौन बच्चे हैं?
थर्ड डिविजन में कितने बच्चे पास हुए हैं? कितने स्कूलों का परीक्षा परिणाम 80 से 100 फीसदी के बीच है? कितने स्कूल का परिणाम शून्य से 25 फीसदी के बीच है? कितने स्कूलों का परिणाम 26 से 50 फीसदी के बीच है? सभी विषयों में अलग-अलग परिणाम किस तरह का है?
बोर्ड परीक्षाओं में साल 2018 के दौरान कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। निदेशालय द्वारा इंक्रीमेंट रोकने को लेकर जारी किए गए आदेशों का अधिकांश शिक्षक संगठनों एकजुट होकर विरोध किया था।
मामला सरकार के पास पहुंचने के बाद कम परिणाम देने वाले शिक्षकों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। साल 2019 में कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर सरकार ने कार्रवाई के प्रति चेताया था।