शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई से अधिक मंजिला भवन निर्माण पर फैसला इसी सप्ताह हो सकता है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को निरस्त करने और पुराने भवनों के नियमों को ही लागू करने की गुहार लगाई है। बाकायदा, कोर्ट में इस बाबत शपथ पत्र सौंपा गया है। एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया की जमीनी क्षमता को देखते हुए ढाई मंजिला भवन बनाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है।
टीसीपी का मानना है कि अगर साढ़े चार मंजिल बनाने की अनुमति नहीं मिलती है तो साढ़े तीन मंजिल से भी लोगों को राहत मिल सकती है। जब से शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला से अधिक निर्माण में रोक लगी है, कंस्ट्रक्शन कम हो गई है। लोगों ने लाखों रुपये खर्च करके प्लॉट खरीद रखे हैं, लेकिन इससे कोई इनपुट नहीं आ रही है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के सचिव सी पाल रासू बताते हैं कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सरकार ने मजबूती से अपना पक्ष रखा है। हिमाचल सरकार के हित में फैसला आने की उम्मीद है।