प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने जपाइगो के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने यह जानकारी दी। उन्होंने बुधवार को जपाइगो एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि जपाइगो का प्रोजेक्ट टीबी इंप्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क एग्रीमेंट (टीफा) जिले में एक अक्तूबर से शुरू होगा। इससे पूर्व जपाइगो की ओर से दवाई विक्रेताओं एवं आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ प्रशिक्षण होगा। इसके माध्यम से प्रोजेक्ट के तहत किए जाने वाले कार्यों पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि जिले के हर मेडिकल स्टोर के केमिस्ट को कफ सिरप खरीदने वाले व्यक्ति का डाटा टीबी मुक्त हिमाचल एप पर अपलोड करना होगा। 7 दिन के बाद कफ सिरप खरीदने वाले व्यक्ति को ऑटोमेटिक कॉल जाएगी। सात दिन के भीतर भी खांसी दवा से ठीक नहीं हुई तो व्यक्ति टीबी टेस्टिंग करने के लिए कहा जाएगा। आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी टीबी के सैंपल लिए जाएंगे। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनीत, जपाइगो से टेक्निकल लीड ऑफिसर डॉ. पूजा और सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर जपाइगो आशुल हेडा मौजूद रहे।