बोले, मोबाइल यूनिट और आयुष्मान आरोग्य शिविर लगेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। विश्व टीबी दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने गेयटी थियेटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (2.0) का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि इस अभियान (2.0) के तहत उच्च जोखिम वाले गांव और शहरी वार्ड कवर किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में ऐसे 5,176 उच्च जोखिम वाले गांव और शहरी वार्ड चिह्नित किए हैं। इन गांवों और वार्ड में पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के हाथ में पकड़ी जाने वाली मशीन से एक्स-रे होंगे। मोबाइल यूनिट और आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित कर इन तक पहुंच बनाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों ने इट वेल, लिव वेल एंड थिंक वेल का पालन करने को कहा। शांडिल
ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य में टीबी के मामलों में स्थिरता आई है तथा लगातार टीबी के मामले घट रहे हैं।
दिसंबर 2024 में शुरू हुए टीबी मुक्त भारत अभियान के पहले चरण में लगभग 14.9 लाख अतिसंवेदनशील लोगों की पहचान कर उनकी जांच का लक्ष्य पूरा किया गया। एनएचएम के निदेशक प्रदीप ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 100 दिन का यह अभियान राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर चलाया जाएगा। मिशन के उपनिदेशक डॉ. राजेश गुलेरी ने पीपीटी के माध्यम से प्रदेश में टीबी की स्थिति को लेकर जानकारी साझा की। दो महिलाओं कृष्णा देवी और संतोष को टीबी चैंपियन के रूप में सम्मानित किया गया। इस मौके पर विधायक जनारथा ने,
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. यशपाल रांटा, अध्यक्ष नेशनल टास्क फोर्स डॉ. अशोक भारद्वाज मौजूद रहे।