इससे पहले दल के सदस्यों ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से पर्यटन, जैविक कृषि और स्वच्छता की दिशा में सिक्किम सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सिक्किम की पर्यटन आर्थिकी के बारे में जानकारी दी और बताया कि सिक्किम देश का पहला राज्य है जिसे जैविक राज्य घोषित किया गया है। साथ ही बताया कि सिक्किम सरकार ग्रामीण, पर्यावरण मित्र और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है।
सदस्यों ने सुझाव दिया कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास की दिशा में सिक्किम से सीख ले सकता है और लोगों की सहभागिता के साथ पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान के साथ पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम दिए जा सकते हैं।
प्रस्तुति के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक, साहसिक और ईको पर्यटन को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। हर वर्ष लगभग दो करोड़ पर्यटक हिमाचल भ्रमण पर आते हैं और सरकार का प्रयास रहेगा कि उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनछुए क्षेत्रों को पर्यटन के लिए खोलने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा श्रीकांत बाल्दी, मनीषा नंदा व राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव आरडी धीमान व ओंकार शर्मा, सचिव भाषा कला एवं संस्कृति डॉ. पूर्णिमा चौहान भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
बता दें कि 11 से 15 जून तक हिमाचल के विधायकों का एक दल सिक्किम दौरे पर रहा था। दल में विधायक राकेश पठानिया, राकेश जमवाल, रविंद्र कुमार, आशीष बुटेल, विक्रमादित्य सिंह और होशियार सिंह के अलावा निदेशक ग्रामीण विकास राकेश कंवर, चीफ इंजीनियर अशोक चौहान, लोक निर्माण विभाग के मुख्य वास्तुकार एनके नेगी और उप निदेशक पर्यटन पंकज शर्मा शामिल थे।