तारादेवी मंदिर के समीप लगभग 477 पेड़ों के अवैध कटान के मामले में नामित आरोपी मैसर्ज प्रिंसटाइन होटल एवं रिजॉर्ट के निदेशक अमरीक सिंह नागपाल को हिमाचल हाईकोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत नहीं मिली है।
न्यायाधीश पीएस राना ने प्रार्थी की जमानत याचिका पर सरकार को नोटिस जारी कर आगामी 24 दिसंबर के लिए इस मामले से जुड़ा तमाम रिकॉर्ड तलब किया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिमला ने पहले ही प्रार्थी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। इसके बाद प्रार्थी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। प्रार्थी के अनुसार उसने 12 सितंबर 2014 को भूमि मालिक परमिंदर कौर के साथ 385 बीघा भूमि खरीदने का करार 16 करोड़ रुपये में किया था।
प्रार्थी ने इस भूमि को खरीदने के लिए पेशगी के तौर पर तीन करोड़ रुपये भूमि मालिक को अदा कर दिए थे और भूमि की रजिस्ट्री करवाने के लिए प्रार्थी ने प्रवीण शर्मा को बतौर मैनेजर नियुक्त किया था। प्रार्थी ने दलील दी कि उक्त भूमि का कब्जा प्रार्थी कंपनी को नहीं सौंपा गया और पेड़ों के कटान में उसका कोई हाथ नहीं है।
गौरतलब है कि तारादेवी मंदिर के समीप लगभग 477 पेड़ों के अवैध कटान के मामले में पुलिस ने 21 नवंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 447 और वन अधिनियम की धारा 30 एवं 33 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने भी कड़ा संज्ञान लिया है।