अगर पहली कक्षा से ही एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाए तो विद्यार्थियों के लिए बेहतर होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाने से शिक्षा में गुणात्मकता और एकरूपता आएगी।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की इनरोलमेंट बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उधर, बता दें कि शैक्षणिक सत्र 2018-19 से पांचवीं कक्षा तक एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने की योजना थी लेकिन शिक्षा
बोर्ड द्वारा पहले ही एससीईआरटी की किताबों की खरीद करने के चलते पूर्व सरकार ने नया सिलेबस 2019 से शुरू करने का फैसला लिया था। इसी कड़ी में सोमवार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अगले साल से एनसीईआरटी की किताबें शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।