संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की ओर से स्विट्जरलैंड के जेनेवा में आयोजित कार्यक्रम में विदेशी भी हिमाचली रंग में रंग गए। जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी के डॉ. हरीश शर्मा ने उन्हें हिमाचली संस्कृति से रूबरू करवाया। डॉ. हरीश ने न केवल उन्हें हिमाचली टोपी भेंट की, बल्कि उन्हें हिमाचली व्यंजन भी चखाए। डॉ. हरीश ने जेनेवा में हिमाचली संस्कृति से विदेशियों को अवगत करवाया।
जनजातीय समुदाय की समस्याओं का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि देश के कुछेक क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय के लोग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और संसाधनों के अभाव के बावजूद चुनौतीपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहकर कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं का डटकर सामना कर रहे हैं।
अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी अपने देशों के जनजातीय समुदाय की समस्याओं पर संवाद किया। जेनेवा में आयोजित कार्यक्रम में विश्व भर के विभिन्न देशों से आए 20 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। डॉ. हरीश शर्मा भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के उत्थान को लेकर चर्चा कर उनकी समस्याओं का समाधान तलाशना है।