वायरल होने तुरंत जांच करवाने की सलाह, दवाओं और आवश्यक सामान का पूरा कोटा रखने के निर्देश
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भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क लगाने, बार-बार हाथ धोएं अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। अस्पतालों में स्वाइन फ्लू को लेकर अलग वार्ड और बिस्तर रिजर्व कर दिए हैं।
क्षेत्रीय अस्पतालों में भी अलग से वार्ड बनाए गए हैं, जबकि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड रिजर्व किए गए हैं। कोई मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आता है तो उसे इन पृथक वार्डों में आइसोलेट कर उपचार दिया जाएगा। वहीं अस्पतालों में दवाओं और आवश्यक सामान का कोटा भी पूरा कर दिया है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने वायरल के मरीजों को न घबराने की सलाह दी है और समय पर उपचार करवाने को कहा है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने की सलाह दी है। इसके साथ ही बार-बार हाथ धोने के लिए भी कहा है।
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आईजीएमसी में स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) समेत दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल शिमला की मेडिसिन ओपीडी के बाहर भी कतारें देखने को मिल रही हैं। कतारों में लगे लोगों में अधिकतर खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। वायरल के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। चिकित्सक अधिक गंभीर मामलों में टेस्ट करवाने की सलाह दे रहे हैं, ताकि बीमारी का पता लगाया जा सके।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज बुखार खांसी गले में खराश बहती नाक सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान
बचाव के लिए यह उपाय करें लक्षण महसूस होने पर तुरंत मास्क पहनें। मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं। फ्लू के लक्षण वाले लोगों के संपर्क में आने से बचें। बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाइयां बिल्कुल न लें।
कोट जिलेभर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट किया गया है। प्राथमिक समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अलग से बेड रिजर्व किए गए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। दवाओं समेत सभी प्रकार की व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। लोगों से आग्रह है कि वह अपना ध्यान रखें और वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें। -डॉ. यशपाल रांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शिमला