ग्रेट खली की रेसलिंग प्रतियोगिता ने सत्ता के गलियारों में अभी भी खलबली मचाई हुई है। कैबिनेट बैठक में रेसलिंग प्रतियोगिता को लेकर सहमति नहीं बनने के बाद बुधवार को भी सचिवालय में कई बैठकों का दौर चला। मुख्य सचिव विनीत चौधरी के साथ इस मामले को लेकर विभिन्न विभागों के अफसरों की बैठक हुई लेकिन अंतिम फैसला नहीं हो सका।
प्रतियोगिता के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का इंतजाम करने की टेंशन बुधवार को भी बरकरार रही। उधर, खली को प्रदेश का ब्रांड एंबेसडर बनाने की जगह फिलहाल प्लास्टिक मुक्त हिमाचल अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाने का फैसला हो गया है।