विधानसभा में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक और शिमला से विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कौशल विकास के नाम पर अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह को ही रोजगार दिया है। प्रदेश कौशल विकास निगम में विक्रमादित्य को निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया है।
परिवहन निगम में कौशल विकास भत्ते के नाम पर युवा दो महीने के लिए कंडक्टर रखे जा रहे हैं। उसके बाद छुट्टी कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में करीब नौ लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। कांग्रेस ने घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी।
लेकिन अब सीएम उस बात से पलट रहे हैं। दलील दे रहे हैं कि जब घोषणापत्र बना, उस समय वह केंद्र में मंत्री थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर और परिवहन मंत्री जीएस बाली भी बेरोजगारी भत्ते पर मुख्यमंत्री से वायदा निभाने की बात कह रहे हैं।
लेकिन सीएम युवाओं को नजरअंदाज कर पिक एंड चूज आधार पर रिटायर होने वाले कर्मचारियों को एक्सटेंशन दे रहे हैं। सोमवार को पत्रकार वार्ता में सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा सत्र में भाजपा भ्रष्टाचार और कोरी घोषणाओं पर सरकार को घेरेगी।