पीटीए मामले में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले ने प्रदेश के शिक्षकों सहित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भी उलझा दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्पष्ट नहीं होने के चलते पीटीए शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है। स्थिति को स्पष्ट करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
निदेशालय की ओर से सरकार को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं से मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी जाए। बीते दिनों पीटीए मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से आए आदेशों में पूर्व में बरकरार रखी गई यथा स्थिति को लेकर कोई जिक्र नहीं है।
इन आदेशों से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि मामले में यथा स्थिति बरकरार रहेगी या इसे हटा दिया गया है। ऐसे में अब निदेशालय ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि निदेशालय का प्रस्ताव सचिवालय स्थित शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के पास पहुंच गया है।
उच्च अधिकारियों ने विधि विभाग से मामला उठाया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। गौर हो कि बीते 2 सालों से पीटीए शिक्षकों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस कारण हजारों शिक्षक अनुबंध पर नहीं आ पा रहे हैं।