हिमाचल के सरकारी स्कूलों में तैनात 2500 से अधिक असिस्टेंट लाइब्रेरियन को 10 से 15 लाख रुपये तक एरियर मिलना तय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की मामले को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है।
यूजीसी स्केल में शामिल होने पर इन कर्मचारियों को अब ज्वाइनिंग से यह लाभ मिलेगा। सुप्रीमकोर्ट ने प्रदेश सरकार को पद के मुताबिक लाभ देने के आदेश जारी किए हैं।
करीब सात साल के लंबे इंतजार के बाद असिस्टेंट लाइब्रेरियन को उनका हक मिला है। सुप्रीम कोर्ट में असिस्टेंट लाइब्रेरियनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ केस किया था।
हिमाचल सरकार ने दायर की थी पुनर्विचार याचिका
हिमाचल प्रदेश सरकार
इसी साल जनवरी माह में सुप्रीमकोर्ट ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाते हुए सरकार की एसएलपी का खारिज करते हुए एरियर जारी करने के आदेश दिए थे।
सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हिमाचल सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। कोर्ट से यह याचिका खारिज होने के बाद हर असिस्टेंट लाईब्रेरियन को करीब दस से पंद्रह लाख रुपये तक एरियर प्राप्त होगा।
साल 2009-10 में दस असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर यूजीसी स्केल में शामिल किया था। साल 2010-11 में जारी की गई नई अधिसूचना में इन्हें प्रदेश सरकार के स्केल में रख दिया।
सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
अधिसूचना में हुए इस बदलाव के खिलाफ असिस्टेंट लाइब्रेरियन हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट से असिस्टेंट लाइब्रेरियनों के हक में फैसला आया था। हिमाचल सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। इस फैसले के बाद असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को कॉलेज कैडर का स्केल मिलेगा।
इस स्केल के तहत 15600 का पे बैंड और 6000 रुपये ग्रेड पे मिलेगी। पहले इन्हें टीजीटी का स्केल 10300 पे बैंड और 3600 ग्रेड पे दिया जाता था। असिस्टेंट लाइब्र्रेरियन के पद से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी एरियर मिलेगा। असिस्टेंट लाइब्रेरियनों की पे फिक्सेशन भी अब नए सिरे से होगी।