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24 छात्रों की मौत के मामले में सरकार को नोटिस

Sat, 12 Mar 2016 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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इस हादसे में 24 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई थी। - फोटो : फाइल फोटो
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वर्ष 2014 में ब्यास नदी में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से 24 इंजीनियरिंग छात्रों की हुई मौत के मामले में हैदराबाद के कॉलेज को छात्रों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये मुआवजा देने के हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है।
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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हैदराबाद के वीएनआर विज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा कि इस घटना के लिए कॉलेज को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। इस मामले में कॉलेज ही पीड़ित पक्ष है क्योंकि उसने 24 होनहार छात्रों को खो दिया।

उन्होंने कहा कि बिना किसी चेतावनी के बांध से अचानक पानी छोड़ने के कारण यह हादसा हुआ, ऐसे में कॉलेज इसके लिए किस तरह जिम्मेदार है। पीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और राज्य सरकार को चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने मारे गए छात्रों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
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इनमें से हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को 60 फीसदी, राज्य सरकार को 10 फीसदी और कॉलेज को 30 फीसदी मुआवजे की रकम देने का आदेश दिया गया है।  गौरतलब है कि आठ जून, 2014 को हुए इस हादसे में अचानक आई बाढ़ के कारण कॉलेज के 24 छात्र बह गए और उनकी मौत हो गई थी। ये छात्र कॉलेज टूर पर हिमाचल प्रदेश गए थे।
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