कृषि विभाग ने कांगड़ा के कृषि विक्रय केंद्रों के लिए कीटनाशक और खरपतवार सहित अन्य दवाइयों की सप्लाई बंद कर दी है। किसानों को मजबूरन महंगे दामों पर कीटनाशक और खरपतवार दवाइयों की खरीद के लिए निजी बीज-दवाई विक्रेताओं के यहां लुटने को मजबूर होना पड़ रहा है। नवंबर माह में प्रदेश में 2022 तक प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के चक्कर में डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग पालमपुर ने नवंबर माह में एक नोटिफिकेशन जारी की।
इस नोटिफिकेशन में जिला कांगड़ा के सभी विषयवाद विशेषज्ञों (एसएमएस) को निर्देश दिए कि सरकारी विक्रय केंद्रों में कीटनाशकों, फफूंदनाशकों, और खरपतवार सहित अन्य दवाइयों को किसानों को उपलब्ध नहीं करवाया जाएगा। इसके चलते कृषि विभाग ने इस बार जिला कांगड़ा में इन दवाइयों की खेप भी नहीं भेजी।
हालांकि यह सभी दवाइयां जिला कांगड़ा में चल रहे निजी बीज-दवाई भंडारों में किसानों को आसानी से उपलब्ध हो रही है कृषि विक्रय केंद्रों में दवाइयां न मिलने का खामियाजा भी जिला के किसानों को महंगे दामों पर बाहरी दुकानों में दवाइयां खरीद कर भगुतना पड़ रहा है। हैरानी तो इस बात की है कि इसकी जानकारी संबंधित विभाग मंत्री तक को नहीं है।
विभाग ने सभी दवाइयों को बंद करने के निर्देश नहीं दिए हैं। अगर कांगड़ा में सभी प्रकार की दवाइयों को बंद किया गया है, तो इस बारे में विभाग के अधिकारियों से इस बारे जवाब मांगा जाएगा।
- डॉ. राम लाल मारकंडा, कृषि मंत्री।